जिला बनाओ अभियान का सच :(पार्ट-2) महज राजनीतिक लाभ के लिए जुड़े हैं नेता
जिला बनाने के आंदोलन की बात करें तो दुख के साथ कहना पड़ेगा कि आंदोलन की अगुवाई कर रहा एक भी नेता इस आंदोलन के प्रति ईमानदार नहीं है।
जिला बनाने के आंदोलन की बात करें तो दुख के साथ कहना पड़ेगा कि आंदोलन की अगुवाई कर रहा एक भी नेता इस आंदोलन के प्रति ईमानदार नहीं है।
बात कड़वी जरूर है लेकिन सच यही है। जिला बनाओ अभियान समिति के पदाधिकारी हो या फिर राजनेता या फिर व्यापारी, इनमें से कोई भी वर्ग ऐसा नहीं है जो इस आंदोलन को चला कर खुश है।
जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सूरतगढ़ को जिला बनाने की मांग की।
सूरतगढ जिला बनाओ अभियान समिति के आव्हान पर संपूर्ण बाजार बंद रखा गया। इस दौरान समिति के सदस्यों और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने महाराणा प्रताप चौक पर धरना लगाकर विरोध प्रदर्शन किया
सूरतगढ़ (नवल भोजक)। सूरतगढ़ को जिला घोषित नहीं किए जाने के विरोध में सोमवार को...
भाजपा पार्षदों नें आज विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। कार्यालय में अधिशासी अधिकारी के नहीं मिलने पर पार्षदों ने जमकर नारेबाजी की और अधिशासी अधिकारी पर मौके पर बुलाने की मांग की।
रामदेवरा जैसलमेर स्पेशल ट्रेन को बंद करने के रेल प्रशासन के निर्णय के विरोध में नागरिक संघर्ष समिति (रेल) नें रेलवे स्टेशन पर धरना लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
हनुमान मील नें शहर के आम नागरिकों से प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत ज्यादा से ज्यादा पट्टों के आवेदन करने की अपील की है