ढूंढिए शायद कोई बलवीर लूथरा मिल जाए !
खैर बलवीर लूथरा ठहरे भाजपा विधायक और वैसे भी विपक्ष का तो काम ही होता है व्यवस्था को चुनौती देने। सो उन्होंने बाबुओं की क्लास लगा दी। फिर क्या था बेचारे बाबुओं को माफी तो मांगनी पड़ी ही साथ ही साथ शिष्टाचार में लिया गया शगुन भी लौटाना पड़ा। इस अवसर पर बाबुओं की अंतरात्मा रो रही थी। शायद उनके दिल से भी ये आवाज निकल रही थी कि बलवीर लूथरा तुमने अच्छा नही किया।
