कविता : राजा का ऐलान..दस और दस का जोड़ इक्कीस होता है
राजा ने एलान कियादस और दस का जोड़ इक्कीस होता है कुछ लोग तुरंत सड़कों...
राजा ने एलान कियादस और दस का जोड़ इक्कीस होता है कुछ लोग तुरंत सड़कों...
डिजिटल को मीडिया नहीं मानने वाले भैया व्हाट्सप्प/फेसबुक (डिजिटल मीडिया) पर विष्ठा फैलाकर ऐसे खुश हुए जा रहे हैं कि मानो को बहुत बड़ा तीर दिया है
रेलवे स्टेशन के बाहर सुभाष चौक पर मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत सीसी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। लंबे समय के बाद जब पिछले दिनों सड़क का निर्माण शुरू हुआ तब चेयरमैन ओम कालवा ने इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताया था । सड़क निर्माण के अगले दिन चेयरमैन कालवा ने सुबह सवेरे इस सड़क के इंस्पेक्शन की नौटंकी भी की थी।
शहर में नगरपालिका के सफाईकर्मियों द्वारा व्यापारी से मारपीट का विवाद समाप्त हो गया है। यह आंदोलन शहर के व्यापारिक संगठनों और उनके अगवा नेताओं ने मजबूती से लड़ा जिसके नतीजे में दोनों दोषी कर्मचारियों को शहर से रुखसत होना पड़ा ।
शहर में पिछले कुछ दिनों से वार्ड नंबर-3 में खाली पड़ी बेशकीमती सरकारी भूमि के अचानक खातेदार पैदा होने से वहां रह रहे लोगों के सामने संकट पैदा हो गया है। सनसिटी रिसोर्ट के पीछे हुंडई कार शो रूम के सामने स्थित भूमि जो कल तक नगरपालिका की थी और जिस पर पालिका ने कुछ पट्टे भी जारी किये है अचानक किन्ही फलाने राम के पर बोलने लगी है।
भाजपा के विरोध प्रदर्शन के दौरान विधायक रामप्रताप कासनिया ने मीडिया को दिए बयान में जब कहा था कि नगरपालिका पार्षदों को लड़ाने का काम किया जा रहा हैं। तब किसने सोचा था कि विधायक की बात इतनी जल्दी सिद्ध होगी। हालांकि विधायक रामप्रताप कासनिया ने इसका आरोप सीधे सीधे नगरपालिका चैयरमेन ओमप्रकाश कालवा पर मंढा था।
विरोध प्रदर्शन के दौरान विधायक रामप्रताप कासनिया ने कहां कि नगरपालिका क्षेत्र में लंबे समय सड़को की हालत खराब है। इन सड़कों से लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। उन्होंने कहा कि शहर में बने ऊंचे सीवरेज चेम्बरो के कारण आए दिन हादसे हो रहे है। इसके साथ ही कासनिया नें आरोप लगाया कि नगरपालिका क्षेत्र में भू माफियाओं द्वारा अवैध अतिक्रमण किए जा रहे हैं जिसको भी नगरपालिका द्वारा नहीं हटाया जा रहा है।
अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता'। शहर के हुक्मरानों के मामले में यह बात पूरी तरह से सच है। विद्युत विभाग की अव्यवस्थाओं के चलते शहर की जनता भले ही हलकान होती रहे लेकिन हुक्मरानों ने अपने आराम की व्यवस्था कर ली है। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने इन हुक्मरानों को 24 घंटे बिजली का तोहफा दिया है।