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पीसीसी चीफ डोटासरा व गेदर का स्वागत

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा का मंगलवार को 22 एलजीडब्ल्यू बस स्टैंड पर शिल्प एवं माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष डूंगरराम गेदर की अगुवाई में जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर काँग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष का साफा व मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष डूंगरराम गेदर का भी जबरदस्त स्वागत किया।

कांग्रेस नेता गुरुदर्शन सिंह सोढ़ी ने लगाया नगरपालिका में धरना

नामांतरण के लिए धरना देने को हुए मजबूर हुए कांग्रेसी नेता क्या चैयरमेन ओमप्रकाश कालवा...

‘पैराफेरी बहुत बड़ा कलंक, यह हेराफेरी हैं ‘: कासनिया

कासनिया ने नाम न लेते हुए सरकार के नुमाईंदों पर सैकड़ों बिघा टीसी भूमि खरीदने का खुलासा किया। हालांकि कासनिया ने नाम नहीं लिया लेकिन वर्तमान में मील परिवार ही इलाके में कांग्रेस व सरकार की नुमाइंदगी कर रहा है। ऐसे में क्या यह मान लेना चाहिए कि कासनिया का सीधा सीधा आरोप मील परिवार पर है ?

12 की जगह 2 पर पहुंची भाजपा, मीटिंग में उमड़ा बजट प्रेम

खैर क्योंकि मौका स्वामीभक्ति सिद्ध करने का था तो भाजपा पार्षद भी पीछे क्यों रहते। एक अन्य पार्षद कम ठेकेदार ने भी गोल मोल तरीके से बजट की प्रशंसा कर पार्टी धर्म को भुलाकर भक्ति का प्रदर्शन किया। तो एक भाजपा नेता को भगीरथ की संज्ञा देने वाले और चरण वंदना के लिए कुख्यात पार्षद भी कब पीछे रहने वाले थे सो उन्होंने भी अपने चिरपरिचित अंदाज़ में बजट का यशोगान कर बजट मीटिंग में अपनी अमिट छाप छोड़ी।

गेदर ने संभाला शिल्प एवं माटी कला बोर्ड उपाध्यक्ष का पदभार

बोर्ड उपाध्यक्ष का कार्यभार संभालने के बाद गेदर ने अधिकारियों और कर्मचारियों से परिचय व कार्य के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिल्प एवं माटी कला बोर्ड का कार्य बहुत ही महत्वपूर्ण है जो जनमानस से जुड़ा हुआ है और दस्तकार जातियों के जीवन की महत्वपूर्ण कड़ी है। गेदर ने कहा कि हमें पूर्ण जिम्मेदारी व सतर्कता से कार्य करते हुए मुख्यमंत्री जी की भावना के अनुरूप शिल्प एवं माटी कला संस्कृति को संरक्षित व प्रोत्साहित करना है ।

ढूंढिए शायद कोई बलवीर लूथरा मिल जाए !

खैर बलवीर लूथरा ठहरे भाजपा विधायक और वैसे भी विपक्ष का तो काम ही होता है व्यवस्था को चुनौती देने। सो उन्होंने बाबुओं की क्लास लगा दी। फिर क्या था बेचारे बाबुओं को माफी तो मांगनी पड़ी ही साथ ही साथ शिष्टाचार में लिया गया शगुन भी लौटाना पड़ा। इस अवसर पर बाबुओं की अंतरात्मा रो रही थी। शायद उनके दिल से भी ये आवाज निकल रही थी कि बलवीर लूथरा तुमने अच्छा नही किया।

इंदिरा सर्किल पर फ्लाईओवर की फर्जी ड्राइंग का सच ?

फ्लाईओवर बनने से शहर के लोग खुश भी हो सकते हैं और निराश भी। खुश इसलिए हो सकते हैं कि फ्लाईओवर के बनने से शहर में भारी वाहनों का प्रवेश नहीं होगा। जिससे भारी वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी,खासकर इंदिरा सर्किल के आसपास के क्षेत्र में। लेकिन दोनो तरफ दीवारों के डिज़ाइन वाला यह फ्लाईओवर आपको निराश भी करता है। क्यों कि

दिव्यांगों की मदद करेगा ‘दिव्यांग सहायता बॉक्स’

कोई भी जरूरतमंद दिव्यांग 'दिव्यांग सहायता बॉक्स' में अपनी जरूरत के सामान की पर्ची व पहचान का दस्तावेज डाल सकता है। इस पर्ची के आधार पर क्लब की ओर से उस दिव्यांग की पात्रता की जांच कर यथासंभव उसकी सहायता का प्रयास किया जाएगा। मंच के अनुसार इस प्रकल्प से दिव्यांग की पहचान सार्वजनिक किये बिना मदद की जा सकेगी।

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