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50 साल बाद खातेदारी बहाल ,दहशत में 2 दर्जन परिवार, मिल रही धमकियां

शहर में पिछले कुछ दिनों से वार्ड नंबर-3 में खाली पड़ी बेशकीमती सरकारी भूमि के अचानक खातेदार पैदा होने से वहां रह रहे लोगों के सामने संकट पैदा हो गया है। सनसिटी रिसोर्ट के पीछे हुंडई कार शो रूम के सामने स्थित भूमि जो कल तक नगरपालिका की थी और जिस पर पालिका ने कुछ पट्टे भी जारी किये है अचानक किन्ही फलाने राम के पर बोलने लगी है।

जैलर,हरिराम नाई और पार्षद-उपाध्यक्ष विवाद

भाजपा के विरोध प्रदर्शन के दौरान विधायक रामप्रताप कासनिया ने मीडिया को दिए बयान में जब कहा था कि नगरपालिका पार्षदों को लड़ाने का काम किया जा रहा हैं। तब किसने सोचा था कि विधायक की बात इतनी जल्दी सिद्ध होगी। हालांकि विधायक रामप्रताप कासनिया ने इसका आरोप सीधे सीधे नगरपालिका चैयरमेन ओमप्रकाश कालवा पर मंढा था।

जनसमस्याओं को लेकर नगरपालिका में भाजपा का हल्ला बोल

विरोध प्रदर्शन के दौरान विधायक रामप्रताप कासनिया ने कहां कि नगरपालिका क्षेत्र में लंबे समय सड़को की हालत खराब है। इन सड़कों से लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। उन्होंने कहा कि शहर में बने ऊंचे सीवरेज चेम्बरो के कारण आए दिन हादसे हो रहे है। इसके साथ ही कासनिया नें आरोप लगाया कि नगरपालिका क्षेत्र में भू माफियाओं द्वारा अवैध अतिक्रमण किए जा रहे हैं जिसको भी नगरपालिका द्वारा नहीं हटाया जा रहा है।

जनता हलकान पर हुक्मरानों को आराम !

अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता'। शहर के हुक्मरानों के मामले में यह बात पूरी तरह से सच है। विद्युत विभाग की अव्यवस्थाओं के चलते शहर की जनता भले ही हलकान होती रहे लेकिन हुक्मरानों ने अपने आराम की व्यवस्था कर ली है। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने इन हुक्मरानों को 24 घंटे बिजली का तोहफा दिया है।

‘मास्टरजी’ से राजनीति के ‘मास्टर’ बनते चेयरमैन कालवा

नगरपालिका में कांग्रेस के ही पार्षदों की बगावत से लेकर नंदीशाला के ताजा प्रकरण तक मीडिया की सुर्खियां बने ऐसे अनेक उदाहरण है जिनमे मास्टर जी ने धोबी पछाड़ का दाव चलकर राजनीतिक दुश्मनों को पटखनी दे दी। इनमें से कई मामलों में नगरपालिका की राजनीति में धुरंधर रहे कई राजनीतिक मठाधीशों को पता ही नहीं चल पाया कि मास्टर जी ने कब इनके पैरों की जमीन निकाल ली।

‘आशियाना सिटी’ का सच ! जमीन कहीं कॉलोनी कहीं ?

आशियाना सिटी' नाम सुनते ही आप अपने आशियाने के ख्वाब बुनने लगते हैं। लेकिन ख्वाब हमेशा सच नहीं होते,कभी कभी ख्वाब डरावने भी होते है। सूरतगढ़ में NH-62 पर बन रही आशियाना सिटी खरीदारों के लिए ऐसा ही डरावना ख्वाब साबित हो सकती है।

9 दिन में 4.25 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति,भ्रष्टाचार का आरोप

सूरतगढ़ नगरपालिका इन दिनों सीवरेज में भ्रष्टाचार को लेकर चर्चा में है, वहीं सूरतगढ़ पंचायत समिति आचार संहिता लगने के दिन और इससे पहले 9 दिन में करीब 4.25 करोड़ का बज़ट सेंकशन करने को लेकर चर्चा में है। इस मामले में समिति के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा की गई जल्दबाज़ी से बड़े घोटाले की बू आ रही है।

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