विद्युत कटौती पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन बना चर्चा का विषय
क्या यह मान लिया जाए कि सूरतगढ़ में कांग्रेस पार्टी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है ? क्या इस प्रदर्शन का जनता में यह मैसेज नही जा रहा कि सरकारी विभागों में बैठे अधिकारी सत्ताधारी पार्टी और उनके नेताओं को कुछ नही समझते है ?
