Year: 2020

नगरपालिका की बैठक में विधायक कासनिया से अशोभनीय व्यवहार

मास्टर जी को नजदीक से जाननेे वाले लोगोंं का मानना है कि चेयरमैन बनने के बाद से मास्टर जी पर्सनैलिटी डिसऑर्डर का शिकार है, जिसकी वजह है मास्टर जी का अहंकार ! यही वजह है कि मास्टरजी अब अपने प्रतिद्वंद्वियों को नीचा दिखाने का कोई भी अवसर नहीं चूकते हैं। इसका उदाहरण नगरपालिका बोर्ड की इसी बैठक में भी देखा गया। जब उन्होंने कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष को ही असामाजिक तत्व बता डाला।

ओम कालवा के राज में 1 करोड़ रुपये की सरकारी भूमि पर भूमाफ़ियों का कब्ज़ा

जिस रफ्तार से शहर में सरकारी भूमि पर कब्जा करने का अभियान जारी है उससे तो नही लगता है कि वर्तमान बोर्ड का कार्यकाल पूरा होने तक शहर में एक इंच भी सरकारी भूमि बच पाएगी। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि शहर के लगभग सभी वार्डों में आपके चुने हुए पार्षदों में कुछ एक को छोड़कर अधिकांश पार्षद प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से या तो इन भूमाफियों का सहयोग कर रहे हैं

बेशकीमती व्यवसायिक भूमि को आवासीय के रूप में बेचने की तैयारी !

विपक्षी नेताओं व चुने हुए पार्षदों ने साधी चुप्पी सूरतगढ़। सूरतगढ़ नगरपालिका द्वारा 21 सितम्बर...

गरीबों के राशन पर व्यवस्था का डाका !

कोरोना काल मे जब लोग अपने पैसों से गरीबों की मदद के लिए आगे आ रहे थे उसी दौर में नगरपालिका के भृष्ट सिस्टम ने गरीबों को बांटी जाने वाली राशन किट में ही खेल कर दिया गया तो आप खुद ही अंदाज़ा लगा सकते हैं कि नगरपालिका के अफसर और बाबू किस स्तर पर भ्रष्टाचार की सीमाएं लाँघ चुके हैं ।

सूरतगढ़ एडीएम अशोक मीणा फिर चर्चा में

प्रशासन के शीर्ष पर बैठे ये एडीएम साहब पूरे प्रशासनिक अमले और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्यक्रम की औपचारिकताएं बिना मास्क लगाए ही पूरी करते रहे। यही नही मुख्य बाजारों में अज्ञानता या भूलवश मास्क नही लगाने पर आम लोगों से जुर्माना वसूलने वाले ट्रैफिक पुलिस के प्रभारी और कई कर्मचारी भी कार्यक्रम के दौरान मौजूद थे, पर एडीएम साहब पर जुर्माना कौन लगाए ?

माताजी जीतोजी कन्या महाविद्यालय में वेबीनार आयोजित।

‘कोविड-19 के बाद सामाजिक परिदृश्य में बदलाव’ विषय पर आयोजन सूरतगढ़। माता जीतोजी कन्या महाविद्यालय...

सोशल डिस्टेंसिंग पर प्रशासन के दोहरे मापदण्ड

क्योंकि यह मामला सीधे सीधे शहर के प्रथम पुरुष यानी नगरपालिका चैयरमेन से जुड़ा हुआ है तो लॉकडाउन के दौरान और धारा 144 लागू होने के बावजूद नगरपालिका सभागार में जिम्मेदार लोगों द्वारा बड़ी संख्या में लोगो को इक्कठ्ठा करना, एडीएम साहब को सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन नही लगता है ।

शहर में सियासी जमीन तलाशते पूनियां,भादू और कासनिया

पूर्व प्रधान की शहर की राजनीति में एकाएक सक्रियता ने राजनीतिक हलकों में कई तरह की अफवाहों को जन्म दे दिया है। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि पूनियां एक दबंग कद्दावर नेता तो है ही , साथ ही साथ विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में उनका बड़ा प्रभाव है। भले ही उन्होंने विधानसभा चुनावों में खुद किस्मत नही आजमाई हो , परन्तु पिछले चुनावों में कांग्रेस और भाजपा के कई नेताओं को सत्ता से दूर रखने में उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई है।

Follow us on Social Media