ई-मित्र संचालक लाखों की ठगी कर हुआ फरार

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भीनमाल स्थित मातेश्वरी ई मित्र एण्ड सेवा केंद्र के नामक इस ईमित्र संचालक ने मित्र स्थानीय हाथठेला, लारी चालकों, नींबू पानी बेचने वाले, चाय की थड़ी व सब्जी बेचने वाले लोगों को अपना शिकार बनाया। ईमित्र संचालक ने पहले इन लोगों से पहले तो श्रमिक कार्ड बनाने के नाम पर 300 से ₹500 की वसूल लिए। बाद में

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प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर मजदूरों को बनाया शिकार

भीनमाल। लोन दिलाने के नाम पर ठगी की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। ताजा मामला जालौर जिले के भीनमाल मेंं सामने आया है। जहां एक ईमित्र संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम लोगों से लाखों की ठगी कर फरार हो गया । ईमित्र संचालक ने आवास योजना का लोन दिलाने के बहाने की श्रमिक कार्ड धारकों से 30 से 40 हज़ार रुपये वसूल लिए ओर चम्पत हो गया। खास बात है कि ई-मित्र पिछले 2 सालो से मजदूरों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोन दिलाने के नाम पर लूट मचाता रहा लेकिन स्थानीय प्रशासन को इसकी भनक तक नही लगी। वह भी तब जबकि पंचायत समिति कार्यालय व उपखंड अधिकारी के आवास से महज 100 मीटर की दूरी पर यह ईमित्र चल रहा था। ठगी के लोगों की शिकायत पर पुलिस अब जागी है और आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रयास में लगी हुई है।

पहले बनाये श्रमिक कार्ड फिर दिया प्रधानमंत्री आवास लोन का झांसा

भीनमाल स्थित मातेश्वरी ई मित्र एण्ड सेवा केंद्र नामक इस ईमित्र के संचालक ने स्थानीय हाथठेला, लारी चालकों, नींबू पानी बेचने वाले, चाय की थड़ी व सब्जी बेचने वाले लोगों को अपना शिकार बनाया। ईमित्र संचालक ने पहले इन लोगों से श्रमिक कार्ड बनाने के नाम पर 300 से ₹500 की वसूल लिए। बाद में शातिर ईमित्र संचालक ने उन्हीं लोगों को वापस कॉल करके बताया कि आपका श्रमिक कार्ड बन गया है,अब श्रमिक कार्ड के आधार पर आपको आवास के लिए आपको 3 लाख़ 97 हजार रुपए मिल सकता है। इसके लिए आपको 40 हजार रुपए अधिकारियो को देने के लिए पहले जमा करवाना होंगे। सरकारी योजना का लाभ पाने की लालच में ई मित्र संचालक को किसी ने 30 हजार तो किसी ने 40 हजार रुपए थमा दिए। इसी तरह दर्ज़नो लोगों से ठगी कर लाखों रुपए लेकर अब यह ईमित्र संचालक फरार हो गया हैं। ई-मित्र पर ताला लगा हुआ है और पीड़ित लोग न्याय की मांग को लेकर दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।

अलग-अलग खातों में जमा कराया पैसा.. झांसे में लेने के लिए दी आधार कार्ड की फोटो कॉपी

इस मामले में ठगी का शिकार हुए लोगों ने बताया कि ई मित्र संचालक की ओर से उन्हें अलग-अलग बैंकों के खाता नंबर दिए गए और यूपीआई आईडी भी दी गई। जिसमे अलग-अलग खातों में 10, 20 या 30 हजार की राशि ट्रांसफर की गई है। संचालक ने पीड़ितों को अपने झांसे में लेने के लिए अपना आधार कार्ड भी दिया। जिस पर ई मित्र संचालक का नाम दिलीप लिखा हुआ है, पता श्रीराम कॉलोनी ओसिया चौराहा गांव तिंवरी जोधपुर जिला लिखा हुआ है। आधार कार्ड के नंबर 994395225653 दर्ज है ।

भीनमाल पुलिस कर रही मामले की जांच

भीनमाल पुलिस थाने में पीड़ितों की ओर से दी गई रिपोर्ट के अनुसार जोधपुर जिले के तिंवरी गांव के मुख्य आरोपी दिलीप माली के साथ अन्य 3 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। ये तीन अन्य वो लोग है जिनके खाते में पैसे स्थानीय लोगों ने ट्रांसफर किए थे । अजय देवल, मुकेश प्रजापत व कुलदीप साखला नाम के इन आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

पहले भी एक ई-मित्र संचालक लगा चुका लोगों को चूना

भीनमाल में विद्युत विभाग कार्यालय में संचालित एक ईमित्र का संचालक भी लोगों का चूना लगाकर फरार हो चुका है। साल 2018 में इस ईमित्र संचालक ने तकरीबन 1500 बिजली के बिलों पर फर्जी मोहर लगाकर उपभोक्ताओं से बिल की राशि वसूल ली और फरार हो गया। पूरे मामले को लेकर जांच भी हुई लेकिन अभी तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिला है । इसको लेकर विद्युत विभाग ने भी हाथ खड़े कर दिया वहीं कंपनी की ओर से भी लोगों को अभी तक गुमराह किया जा रहा है। बड़ा सवाल हैं कि एक के बाद इसी तरीके से ई-मित्र संचालक स्थानीय लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं लेकिन स्थानीय प्रशासन कार्यवाही करने की बजाय लीपापोती करता नजर आ रहा है।

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